दोस्तों, मेरा नाम शमा है और मेरी उम्र अभी २२ साल है और मै मस्त फिगर वाली एक जवान लड़की हु | मुझे लंड बहुत पसंद है और अब मुझे रोज़ रात को चुदवाने का मन करता है और एक बड़ा लंड लेने को करता है | पहले ऐसा नहीं था, मै जवान तो जरुर हो गयी थी, लेकिन मुझे सेक्स, संभोग, लंड और चूत के बारे मे कुछ भी नहीं मालूम था | इसके पीछे सबसे बड़ा कारण था, कि मेरे बापू ने मुझे जवान होते ही, घर मे बैठा दिया था | हम लोग एक गावं मे रहते थे और मेरे बापू पुराने ख्याल वाले थे | मुझे कॉलेज, किताबो, फ़ोन सबसे दूर कर दिया गया था और मुझे सिर्फ घर संभालना सीखना था | मेरे मामा दुसरे गावं से थे, लेकिन मामा ने अच्छी तरक्की कर ली थी और उन्होंने शहर मे अच्छा बड़ा घर बनवा लिया था | उनके दो बच्चे थे, उनकी लड़की मुझ से ३-४ बड़ी और उनका लड़का मेरे बराबर | हम दोनों के हमउम्र होनेके कारण हम दोनों की काफी पटती थी और भाई बहन के रिश्ते के कारण, हम पर कोई ऊँगली नहीं उठा सकता था |दीदी की शादी होने जा रही थी और मामा ने माँ को काफी पहले ही आने के लिए बोल दिया | माँ के साथ-साथ मै भी शहर गयी थी | मामा के बच्चो से, मै काफी समय बाद मिल रही थी, तो हम सब काफी खुश थी, खासकर मै और गप्पू! गप्पू अब काफी बड़ा हो गया था और उसके डोले-शोले देखकर मुझे मज़ा आने लगा था | मेरी फिगर भी काफी मस्त हो गयी थी | दीदी ने तो मेरी गांड पर हाथ मारकर बोला, शमा तू तो जवान हो गयी है, लेकिन ये साली अभी जवान हुई के नहीं? मुझे कुछ समझ मे नहीं आया और मैने उनकी बात को हवा मे उड़ा दिया | दीदी की एक दोस्त थी, जिसका नाम कमला था, वो एक निहायत ही खुबसूरत, मस्त फिगर वाली लड़की थी | उसके बड़े-बड़े चुचे और मस्त गोल गांड सबको लुभाती थी | गप्पू तो उसके पीछे पागल था और उसको छुकर मज़ा लेता था | कमला भी उसको निराश नहीं करती थी और वो उसको कभी चूमती थी, कभी उसके लंड को ऊपर से सहलाती थी | उस दिन वो आयी, तो गप्पू पागलो की तरह घुमने लगा और उसको छुने का बहाना ढूंढने लगा | वो गप्पू के काम के पास गयी और बोली, आज रात यहीं हु, अगर चाहेगा, तो खुश कर दूंगी | गप्पू तो पागल हो गया और ख़ुशी के मारे फूल गया | मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और मेरे लाख बार पूछने पर भी कुछ नहीं बताया |रात हो गयी और मेरा, कमला, दीदी और गप्पू का एक ही कमरे मे सोने का इंतजाम था और उस कमरे के साथ एक छोटा सा स्टोर भी था और गप्पू ने कमला की चुदाई का प्रोग्राम वही फिक्स किया था | रात हो गयी, हम सब सो गये; लेकिन, गप्पू के आँखों मे नीद नहीं थी और वो सबके सोने का इंतज़ार करने लगा | रात अचानक बत्ती चली गयी और किसी को कुछ नहीं सूझ रहा था | चुकि सब सो चुके थे, तो किसी को कोई समस्या नहीं थी | अचानक मैने, अपने शरीर पर दो हाथ महसूस किये, वो मेरे कुरते के अन्दर जाकर मेरे शरीर पर चल रहे थे, मुझे मज़ा आ रहा था | मैने उस हाथ को पकड़ा, तो एक फुसफुसाहट सुनायी दी और बोला, मै गप्पू हु और पता नहीं कब से तुम्हारे शरीर का प्यासा हु, आज मुझे अपने शरीर का रसपान करने दे, रानी | मुझे उसके हाथ अपने शरीर पर अच्छे लग रहे थे, तो मैने कुछ नहीं बोला और लेटी रही | गप्पू ने मेरा कोई विरोध ना देखकर अपने को मेरे ऊपर गिरा लिया और अपने होठो को मेरे होठो पर रख लिया | उसकी सांसे गरम थी और तेज चल रही थी | उसके शरीर का ताप महसूस करके, मै भी गरम होने लगी थी और मैने उसको पुरे जोश से पकड़ लिया और उसको होठो को चूसने लगी | हम दोनों की सांसे पुरे कमरे मे गूंजने लगी, तो गप्पू ने मेरा हाथ पकड़कर उठाया और मुझे स्टोर मे ले गया | वहा पर हम दोनों ने एक दुसरे को नंगा किया और आपस मे चिपक गये |मुझे गप्पू की मजबूत बाहों मे, मज़ा आ रहा था और उसका बड़ा सा लंड मेरी चूत पर टक्कर मार रहा था | गप्पू ने मेरा शरीर दिवार से टिकाया और मैने चूचो पर हमला बोल दिया | वो मेरे चूचो को बड़ी बेदर्दी से चूम और चूस रहा था | मेरी चूत मे से रस टपकने लगा | मेरे चुचे दबाने के साथ-साथ उसके हाथ मेरी चूत पर थे और वो अपनी ऊँगली कर रहा था | फिर उसने मेरा हाथ, अपने लंड पर रख दिया और खीचने को बोला. मुझे पता नहीं था, कि क्या करना है? फिर उसने मेरे हाथ के ऊपर अपना हाथ रखा और अपना हस्त्मथुन करने लगा | उसके ऊँगली करने से मेरा शरीर कापने लगा था और कुछ देर बाद मैने एक गरम पानी की पिचकारी अपनी चूत से निकलती हुई महसूस की | बहुत सारा सा गाढ़ा रस मेरी चूत से निकलने लगा | और मेरे कुछ देर के बाद , गप्पू ने भी अपना शरीर तेज हिलाना शुरू कर दिया और मैने अपने हाथ पर कुछ गरम पानी महसूस किया | गप्पू ने भी अपना रस छोड़ दिया था |हम दोनों थक गये थे और वही लेट गयी और गप्पू मेरे होठो को चूसने लगा | इतने मे बिजली आ गयी और स्टोर के दिम लाइट मे उसने मुझे देखा, तो उसका चेहरे का रंग उड़ गया और वो धीरे से बोला, तू क्या कर रही है? मै तो कमला के साथ था | मै मुस्कुराई और बोली, अब तक सब तुमने मेरे साथ ही किया है | तुम चिंता मत करो, मै किसी को कुछ नहीं बोलूंगी बस या (मेरी चूत मे} खुजली है, कल इसे मिटा देना और गप्पू मुस्कुराने लगा | उसके बाद, मै जितने दिन वहा रही, गप्पू ने मुझे चोदा और अब मै एक चुद्कड़ बन गयी |

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